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सहीह मुस्लिम

नंबर 2001

नंबर 2001किताब 7, नंबर 51अरबी नंबरिंग 864
وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، وَابْنُ، بَشَّارٍ قَالاَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ مَنْصُورٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ مُرَّةَ، عَنْ أَبِي عُبَيْدَةَ، عَنْ كَعْبِ بْنِ عُجْرَةَ، قَالَ دَخَلَ الْمَسْجِدَ وَعَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ أُمِّ الْحَكَمِ يَخْطُبُ قَاعِدًا فَقَالَ انْظُرُوا إِلَى هَذَا الْخَبِيثِ يَخْطُبُ قَاعِدًا وَقَالَ اللَّهُ تَعَالَى ‏{‏ وَإِذَا رَأَوْا تِجَارَةً أَوْ لَهْوًا انْفَضُّوا إِلَيْهَا وَتَرَكُوكَ قَائِمًا‏}‏
Ka'b b. 'Ujra reported that he entered the mosque and saw Abd al-Rahman b. Umm Hakam delivering the sermon in a sitting posture. Upon this he said:Look at this wretched person; he delivers the sermon while sitting, whereas Allah said:" And when they see merchandise or sport, they break away to it and leave thee standing

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · The Book of Prayer - Friday

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।