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सहीह मुस्लिम

नंबर 1991

नंबर 1991किताब 7, नंबर 41अरबी नंबरिंग 859
وَحَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ بْنِ قَعْنَبٍ، وَيَحْيَى بْنُ يَحْيَى، وَعَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ، قَالَ يَحْيَى أَخْبَرَنَا وَقَالَ الآخَرَانِ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ أَبِي حَازِمٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ سَهْلٍ، قَالَ مَا كُنَّا نَقِيلُ وَلاَ نَتَغَدَّى إِلاَّ بَعْدَ الْجُمُعَةِ - زَادَ ابْنُ حُجْرٍ - فِي عَهْدِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏.‏
Sahl b. Said said:We did not have a siesta or lunch till after the Friday prayer. (Ibn Hajr added: ) "During the lifetime of the Messenger of Allah (ﷺ)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · The Book of Prayer - Friday

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।