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सहीह मुस्लिम

नंबर 1843

नंबर 1843किताब 6, नंबर 271अरबी नंबरिंग 790.03
وَحَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ حَاتِمٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَكْرٍ، أَخْبَرَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، حَدَّثَنِي عَبْدَةُ، بْنُ أَبِي لُبَابَةَ عَنْ شَقِيقِ بْنِ سَلَمَةَ، قَالَ سَمِعْتُ ابْنَ مَسْعُودٍ، يَقُولُ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ بِئْسَمَا لِلرَّجُلِ أَنْ يَقُولَ نَسِيتُ سُورَةَ كَيْتَ وَكَيْتَ أَوْ نَسِيتُ آيَةَ كَيْتَ وَكَيْتَ بَلْ هُوَ نُسِّيَ ‏"‏ ‏.‏
Ibn Mas'ud reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:Wretched is the man who says: I forgot such and such a sura, or I forget such and such a verse, but he has been made to forget

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of Prayer - Travellers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।