सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 1748

नंबर 1748किताब 6, नंबर 177अरबी नंबरिंग 749.01
وَحَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، قَالَ قَرَأْتُ عَلَى مَالِكٍ عَنْ نَافِعٍ، وَعَبْدِ اللَّهِ بْنِ دِينَارٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، أَنَّ رَجُلاً، سَأَلَ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنْ صَلاَةِ اللَّيْلِ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ صَلاَةُ اللَّيْلِ مَثْنَى مَثْنَى فَإِذَا خَشِيَ أَحَدُكُمُ الصُّبْحَ صَلَّى رَكْعَةً وَاحِدَةً تُوتِرُ لَهُ مَا قَدْ صَلَّى ‏"‏ ‏.‏
Ibn 'Umar reported that a person asked the Messenger of Allah (ﷺ) about the night prayer. The Messenger of Allah (ﷺ) said:Prayer during the night should consist of pairs of rak'ahs, but if one of you fears morning is near, he should pray one rak'ah which will make his prayer an odd number for him

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of Prayer - Travellers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।