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सहीह मुस्लिम

नंबर 1746

नंबर 1746किताब 6, नंबर 175अरबी नंबरिंग 748.01
وَحَدَّثَنَا زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، وَابْنُ، نُمَيْرٍ قَالاَ حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ، - وَهُوَ ابْنُ عُلَيَّةَ - عَنْ أَيُّوبَ، عَنِ الْقَاسِمِ الشَّيْبَانِيِّ، أَنَّ زَيْدَ بْنَ أَرْقَمَ، رَأَى قَوْمًا يُصَلُّونَ مِنَ الضُّحَى فَقَالَ أَمَا لَقَدْ عَلِمُوا أَنَّ الصَّلاَةَ فِي غَيْرِ هَذِهِ السَّاعَةِ أَفْضَلُ ‏.‏ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ صَلاَةُ الأَوَّابِينَ حِينَ تَرْمَضُ الْفِصَالُ ‏"‏ ‏.‏
Zaid b. Arqam, on seeing some people praying in the forenoon, said:They well know that prayer at another time than this is more excellent, for Allah's Messenger (ﷺ) said: The prayer of those who are penitent is observed when your weaned camels feel the heat of the sun

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of Prayer - Travellers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।