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सहीह मुस्लिम

नंबर 1687

नंबर 1687किताब 6, नंबर 117अरबी नंबरिंग 724.07
وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَابْنُ، نُمَيْرٍ جَمِيعًا عَنْ حَفْصِ بْنِ غِيَاثٍ، - قَالَ ابْنُ نُمَيْرٍ حَدَّثَنَا حَفْصٌ، - عَنِ ابْنِ جُرَيْجٍ، عَنْ عَطَاءٍ، عَنْ عُبَيْدِ بْنِ عُمَيْرٍ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ مَا رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فِي شَىْءٍ مِنَ النَّوَافِلِ أَسْرَعَ مِنْهُ إِلَى الرَّكْعَتَيْنِ قَبْلَ الْفَجْرِ ‏.‏
A'isha reported:I have never seen the Messenger of Allah (ﷺ) hastening as much in observing supererogatory as two rak'ahs before the (Fard) of the dawn prayer

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of Prayer - Travellers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।