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सहीह मुस्लिम

नंबर 1627

नंबर 1627किताब 6, नंबर 58अरबी नंबरिंग 704.03
وَحَدَّثَنِي أَبُو الطَّاهِرِ، وَعَمْرُو بْنُ سَوَّادٍ، قَالاَ أَخْبَرَنَا ابْنُ وَهْبٍ، حَدَّثَنِي جَابِرُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ، عَنْ عُقَيْلٍ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ أَنَسٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم إِذَا عَجِلَ عَلَيْهِ السَّفَرُ يُؤَخِّرُ الظُّهْرَ إِلَى أَوَّلِ وَقْتِ الْعَصْرِ فَيَجْمَعُ بَيْنَهُمَا وَيُؤَخِّرُ الْمَغْرِبَ حَتَّى يَجْمَعَ بَيْنَهَا وَبَيْنَ الْعِشَاءِ حِينَ يَغِيبُ الشَّفَقُ ‏.‏
Anas reported that when the Messenger of Allah (ﷺ) had to set out on a journey hurriedly, he delayed the noon prayer to the earlier time for the afternoon prayer, and then he would combine them, and he would delay the sunset prayer to the time when the twilight would disappear and then combine it with the 'Isha' prayer

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of Prayer - Travellers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।