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सहीह मुस्लिम

नंबर 1624

नंबर 1624किताब 6, नंबर 55अरबी नंबरिंग 703.04
وَحَدَّثَنِي حَرْمَلَةُ بْنُ يَحْيَى، أَخْبَرَنَا ابْنُ وَهْبٍ، أَخْبَرَنِي يُونُسُ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي سَالِمُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، أَنَّ أَبَاهُ، قَالَ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم إِذَا أَعْجَلَهُ السَّيْرُ فِي السَّفَرِ يُؤَخِّرُ صَلاَةَ الْمَغْرِبِ حَتَّى يَجْمَعَ بَيْنَهَا وَبَيْنَ صَلاَةِ الْعِشَاءِ ‏.‏
Salim b. 'Abdullah reported that his father had said:I saw the Messenger of Allah (ﷺ) delaying the sunset prayer till he would combine it with the 'Isha' when he hastened to set out on a journey

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of Prayer - Travellers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।