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सहीह मुस्लिम

नंबर 1613

नंबर 1613किताब 6, नंबर 44अरबी नंबरिंग 700.04
وَحَدَّثَنَاهُ أَبُو كُرَيْبٍ، أَخْبَرَنَا ابْنُ الْمُبَارَكِ، وَابْنُ أَبِي زَائِدَةَ، ح وَحَدَّثَنَا ابْنُ نُمَيْرٍ، حَدَّثَنَا أَبِي كُلُّهُمْ، عَنْ عَبْدِ الْمَلِكِ، بِهَذَا الإِسْنَادِ نَحْوَهُ ‏.‏ وَفِي حَدِيثِ ابْنِ مُبَارَكٍ وَابْنِ أَبِي زَائِدَةَ ثُمَّ تَلاَ ابْنُ عُمَرَ ‏{‏ فَأَيْنَمَا تُوَلُّوا فَثَمَّ وَجْهُ اللَّهِ‏}‏ وَقَالَ فِي هَذَا نَزَلَتْ ‏.‏
This hadith has been narrated by another chain of transmitters and in the one narrated by Ibn Mubarak and Ibn Abu Za'ida (these words are narrated). Ibn 'Umar then recited:" Whether you turn thither is Allah's face," and it was revealed in this context

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of Prayer - Travellers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।