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सहीह मुस्लिम

नंबर 1612

नंबर 1612किताब 6, नंबर 43अरबी नंबरिंग 700.03
وَحَدَّثَنِي عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ عُمَرَ الْقَوَارِيرِيُّ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ، عَنْ عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ أَبِي سُلَيْمَانَ، قَالَ حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ جُبَيْرٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يُصَلِّي وَهُوَ مُقْبِلٌ مِنْ مَكَّةَ إِلَى الْمَدِينَةِ عَلَى رَاحِلَتِهِ حَيْثُ كَانَ وَجْهُهُ - قَالَ - وَفِيهِ نَزَلَتْ ‏{‏ فَأَيْنَمَا تُوَلُّوا فَثَمَّ وَجْهُ اللَّهِ‏}‏
Ibn 'Umar reported that the Messenger of Allah (ﷺ) used to say prayer on his camel while coming from Mecca to Medina, in whatever direction his face had turned; and its was (in this context) that this verse was revealed:" So whether you turn thither is Allah's face" (ii)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of Prayer - Travellers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।