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सहीह मुस्लिम

नंबर 7391

नंबर 7391किताब 54, नंबर 152अरबी नंबरिंग 2943.02
وَحَدَّثَنَاهُ أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا يُونُسُ بْنُ مُحَمَّدٍ، عَنْ حَمَّادِ بْنِ سَلَمَةَ، عَنْ إِسْحَاقَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي طَلْحَةَ، عَنْ أَنَسٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏.‏ فَذَكَرَ نَحْوَهُ غَيْرَ أَنَّهُ قَالَ فَيَأْتِي سَبَخَةَ الْجُرُفِ فَيَضْرِبُ رِوَاقَهُ وَقَالَ فَيَخْرُجُ إِلَيْهِ كُلُّ مُنَافِقٍ وَمُنَافِقَةٍ ‏.‏
This hadith has been transmitted on the authority of Anas that Allah's Messenger (ﷺ) said this but with this addition that (the Dajjal would come) and pitch his tent in the waste-land of Juruf and thus there would come out of (the city) every hypocrite, man and woman

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 54 · The Book of Tribulations and Portents of the Last Hour

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।