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सहीह मुस्लिम

नंबर 7320

नंबर 7320किताब 54, नंबर 86अरबी नंबरिंग 2915.01
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، وَابْنُ، بَشَّارٍ - وَاللَّفْظُ لاِبْنِ الْمُثَنَّى - قَالاَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ، بْنُ جَعْفَرٍ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ أَبِي مَسْلَمَةَ، قَالَ سَمِعْتُ أَبَا نَضْرَةَ، يُحَدِّثُ عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، قَالَ أَخْبَرَنِي مَنْ، هُوَ خَيْرٌ مِنِّي أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ لِعَمَّارٍ حِينَ جَعَلَ يَحْفِرُ الْخَنْدَقَ وَجَعَلَ يَمْسَحُ رَأْسَهُ وَيَقُولُ ‏ "‏ بُؤْسَ ابْنِ سُمَيَّةَ تَقْتُلُكَ فِئَةٌ بَاغِيةٌ ‏"‏ ‏.‏
Abu Sa`id Khudri reported:One who is better than I informed me, that Allah's Messenger (ﷺ) said to `Ammar as he was digging the ditch (on the ocassion of the Battle of the Ditch) wiping over his head: O son of Summayya, you will be involved in trouble and a group of the rebels would kill you

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 54 · The Book of Tribulations and Portents of the Last Hour

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।