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सहीह मुस्लिम

नंबर 7200

नंबर 7200किताब 53, नंबर 69अरबी नंबरिंग 2860.01
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَزُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، وَإِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، وَابْنُ أَبِي، عُمَرَ قَالَ إِسْحَاقُ أَخْبَرَنَا وَقَالَ الآخَرُونَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنْ عَمْرٍو، عَنْ سَعِيدِ، بْنِ جُبَيْرٍ عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، سَمِعَ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يَخْطُبُ وَهُوَ يَقُولُ ‏ "‏ إِنَّكُمْ مُلاَقُو اللَّهِ مُشَاةً حُفَاةً عُرَاةً غُرْلاً ‏"‏ ‏.‏ وَلَمْ يَذْكُرْ زُهَيْرٌ فِي حَدِيثِهِ يَخْطُبُ ‏.‏
Ibn Abbas reported that he heard Allah's Messenger (ﷺ) deliver an address and he was saying that they would meet Allah barefooted, naked and uncircumcised

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 53 · The Book of Paradise, its Description, its Bounties and its Inhabitants

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।