सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 7199

नंबर 7199किताब 53, नंबर 68अरबी नंबरिंग 2859.02
وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَابْنُ، نُمَيْرٍ قَالاَ حَدَّثَنَا أَبُو خَالِدٍ الأَحْمَرُ، عَنْ حَاتِمِ، بْنِ أَبِي صَغِيرَةَ بِهَذَا الإِسْنَادِ وَلَمْ يَذْكُرْ فِي حَدِيثِهِ ‏ "‏ غُرْلاً ‏"‏ ‏.‏
This hadith has been narrated on the authority of Hatim b. Abi Saghira with the same chain of transmitters and there is no mention of the word" uncircum- cised

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 53 · The Book of Paradise, its Description, its Bounties and its Inhabitants

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।