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सहीह मुस्लिम

नंबर 7078

नंबर 7078किताब 52, नंबर 33अरबी नंबरिंग 2802.03
وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، وَأَبُو دَاوُدَ ح وَحَدَّثَنَا ابْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ، وَمُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، وَأَبُو دَاوُدَ كُلُّهُمْ عَنْ شُعْبَةَ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ انْشَقَّ الْقَمَرُ فِرْقَتَيْنِ ‏.‏ وَفِي حَدِيثِ أَبِي دَاوُدَ انْشَقَّ الْقَمَرُ عَلَى عَهْدِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏.‏
Anas reported that the moon was split up in two parts and in the hadith recorded in Abu Dawud, the words are:" The moon was split up into two parts during the life of Allah's Messenger (ﷺ)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 52 · Characteristics of the Day of Judgment, Paradise, and Hell

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।