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सहीह मुस्लिम

नंबर 6971

नंबर 6971किताब 50, नंबर 19अरबी नंबरिंग 2751.03
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ خَشْرَمٍ، أَخْبَرَنَا أَبُو ضَمْرَةَ، عَنِ الْحَارِثِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ عَطَاءِ، بْنِ مِينَاءَ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لَمَّا قَضَى اللَّهُ الْخَلْقَ كَتَبَ فِي كِتَابِهِ عَلَى نَفْسِهِ فَهُوَ مَوْضُوعٌ عِنْدَهُ إِنَّ رَحْمَتِي تَغْلِبُ غَضَبِي ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:When Allah created the creation, He ordained for Himself and this document is with Him: Verily, My mercy predominates Mv wrath

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 50 · The Book of Repentance

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।