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सहीह मुस्लिम

नंबर 1502

नंबर 1502किताब 5, नंबर 335अरबी नंबरिंग 660.02
وَحَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُعَاذٍ، حَدَّثَنَا أَبِي، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْمُخْتَارِ، سَمِعَ مُوسَى بْنَ أَنَسٍ، يُحَدِّثُ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم صَلَّى بِهِ وَبِأُمِّهِ أَوْ خَالَتِهِ ‏.‏ قَالَ فَأَقَامَنِي عَنْ يَمِينِهِ وَأَقَامَ الْمَرْأَةَ خَلْفَنَا ‏.‏
Abdullah b. al-Mukhtar heard Musa b. Anas narrating on the authority of Anas b. Malik that the Messenger of Allah (ﷺ) led him, his mother or his aunt in prayer. He made me, stand on his right side and made the woman stand, behind us

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · The Book of Mosques and Places of Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।