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सहीह मुस्लिम

नंबर 1495

नंबर 1495किताब 5, नंबर 328अरबी नंबरिंग 657.03
وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا ابْنُ هَارُونَ، عَنْ دَاوُدَ بْنِ أَبِي هِنْدٍ، عَنِ الْحَسَنِ، عَنْ جُنْدَبِ بْنِ سُفْيَانَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم بِهَذَا وَلَمْ يَذْكُرْ ‏ "‏ فَيَكُبَّهُ فِي نَارِ جَهَنَّمَ ‏"‏ ‏.‏
This hadith has been narrated by Jundab b. Sufyan in from the Messenger of Allah (ﷺ) with the same chain of transmitters, but this has not been mentioned:" He would throw him in fire

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · The Book of Mosques and Places of Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।