सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 1493

नंबर 1493किताब 5, नंबर 326अरबी नंबरिंग 657.01
وَحَدَّثَنِي نَصْرُ بْنُ عَلِيٍّ الْجَهْضَمِيُّ، حَدَّثَنَا بِشْرٌ، - يَعْنِي ابْنَ مُفَضَّلٍ - عَنْ خَالِدٍ، عَنْ أَنَسِ بْنِ سِيرِينَ، قَالَ سَمِعْتُ جُنْدَبَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ، يَقُولُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ صَلَّى الصُّبْحَ فَهُوَ فِي ذِمَّةِ اللَّهِ فَلاَ يَطْلُبَنَّكُمُ اللَّهُ مِنْ ذِمَّتِهِ بِشَىْءٍ فَيُدْرِكَهُ فَيَكُبَّهُ فِي نَارِ جَهَنَّمَ ‏"‏ ‏.‏
Jundab b. 'Abdullah reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:He who prayed the morning prayer (in congregation) he is in fact under the protection of Allah. And it can never happen that Allah should demand anything from you in connection with the protection (that He guarantees) and one should not get it. He would then throw him in the fire of Hell

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · The Book of Mosques and Places of Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।