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सहीह मुस्लिम

नंबर 1316

नंबर 1316किताब 5, नंबर 154अरबी नंबरिंग 583.01
حَدَّثَنَا زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنْ عَمْرٍو، قَالَ أَخْبَرَنِي بِذَا أَبُو مَعْبَدٍ، - ثُمَّ أَنْكَرَهُ بَعْدُ - عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ كُنَّا نَعْرِفُ انْقِضَاءَ صَلاَةِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِالتَّكْبِيرِ ‏.‏
Ibn 'Abbas said:We used to know that Allah's Messenger (ﷺ) had finished his prayer when we heard the takbir (Allah-O-Akbar)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · The Book of Mosques and Places of Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।