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सहीह मुस्लिम

नंबर 1210

नंबर 1210किताब 5, नंबर 50अरबी नंबरिंग 541.02
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدٌ، هُوَ ابْنُ جَعْفَرٍ ح قَالَ وَحَدَّثَنَاهُ أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا شَبَابَةُ، كِلاَهُمَا عَنْ شُعْبَةَ، فِي هَذَا الإِسْنَادِ وَلَيْسَ فِي حَدِيثِ ابْنِ جَعْفَرٍ قَوْلُهُ فَذَعَتُّهُ ‏.‏ وَأَمَّا ابْنُ أَبِي شَيْبَةَ فَقَالَ فِي رِوَايَتِهِ فَدَعَتُّهُ ‏.‏
This hadith has been transmitted by Ibn Abi Shaiba

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · The Book of Mosques and Places of Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।