सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 6943

नंबर 6943किताब 49, नंबर 7अरबी नंबरिंग 2738.02
وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْوَلِيدِ بْنِ عَبْدِ الْحَمِيدِ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ أَبِي التَّيَّاحِ، قَالَ سَمِعْتُ مُطَرِّفًا، يُحَدِّثُ أَنَّهُ كَانَتْ لَهُ امْرَأَتَانِ بِمَعْنَى حَدِيثِ مُعَاذٍ ‏.‏
This hadith has been narrated on the authority of Mutarrif through another chain of transmitters

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · The Book of Heart-Melting Traditions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।