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सहीह मुस्लिम

नंबर 6876

नंबर 6876किताब 48, नंबर 70अरबी नंबरिंग 2706.04
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ نَافِعٍ الْعَبْدِيُّ، حَدَّثَنَا بَهْزُ بْنُ أَسَدٍ الْعَمِّيُّ، حَدَّثَنَا هَارُونُ الأَعْوَرُ، حَدَّثَنَا شُعَيْبُ بْنُ الْحَبْحَابِ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ كَانَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم يَدْعُو بِهَؤُلاَءِ الدَّعَوَاتِ ‏ "‏ اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنَ الْبُخْلِ وَالْكَسَلِ وَأَرْذَلِ الْعُمُرِ وَعَذَابِ الْقَبْرِ وَفِتْنَةِ الْمَحْيَا وَالْمَمَاتِ ‏"‏ ‏.‏
Anas reported that Allah's Messenger (may peace he upon him) wed to make this supplication:" O Allah, I seek refuge in Thee from miserliness, from sloth and from decrepitude

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · The Book Pertaining to the Remembrance of Allah, Supplication, Repentance and Seeking Forgiveness

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।