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सहीह मुस्लिम

नंबर 6861

नंबर 6861किताब 48, नंबर 55अरबी नंबरिंग 2703
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا أَبُو خَالِدٍ يَعْنِي سُلَيْمَانَ بْنَ حَيَّانَ، ح وَحَدَّثَنَا ابْنُ نُمَيْرٍ، حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ، ح وَحَدَّثَنِي أَبُو سَعِيدٍ الأَشَجُّ، حَدَّثَنَا حَفْصٌ، - يَعْنِي ابْنَ غِيَاثٍ - كُلُّهُمْ عَنْ هِشَامٍ، ح وَحَدَّثَنِي أَبُو خَيْثَمَةَ، زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ - وَاللَّفْظُ لَهُ - حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ، بْنُ إِبْرَاهِيمَ عَنْ هِشَامِ بْنِ حَسَّانَ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ سِيرِينَ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ تَابَ قَبْلَ أَنْ تَطْلُعَ الشَّمْسُ مِنْ مَغْرِبِهَا تَابَ اللَّهُ عَلَيْهِ ‏"‏ ‏.‏
अबू हुरैरा- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः जिसने सूर्य के पश्चिम से उदय होने से पहले तौबा कर ली, अल्लाह उसकी तौबा को ग्रहण करेगा।

तर्जुमा: HadeethEnc.comइसकी तशरीह

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

जहाँ तर्जुमा शुदा नबवी हदीसों के इनसाइक्लोपीडिया (HadeethEnc.com) में किसी रिवायत का हूबहू टेक्स्ट मौजूद है, वहाँ उसका तर्जुमा उसी रिवायत के नीचे स्रोत के नाम के साथ दिखाया गया है। दोनों को प्रोग्राम के ज़रिए, सिर्फ़ अरबी टेक्स्ट की बुनियाद पर जोड़ा गया है: इनसाइक्लोपीडिया की हदीस का पूरा टेक्स्ट, उसमें दर्ज सहाबी के नाम समेत, रिवायत का आख़िरी हिस्सा है, हर्फ़-ब-हर्फ़। इस जोड़ को किसी ने नहीं जाँचा है, और सबील के जायज़ाकारों ने तर्जुमे की जाँच नहीं की है। असल टेक्स्ट अरबी है।

किताब 48 · The Book Pertaining to the Remembrance of Allah, Supplication, Repentance and Seeking Forgiveness

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।