जिसने सूर्य के पश्चिम से उदय होने से पहले तौबा कर ली, अल्लाह उसकी तौबा को ग्रहण करेगा।
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم : «مَنْ تَابَ قَبْلَ أَنْ تَطْلُعَ الشَّمْسُ مِنْ مَغْرِبِهَا تَابَ اللهُ عَلَيْهِ».
अबू हुरैरा- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः जिसने सूर्य के पश्चिम से उदय होने से पहले तौबा कर ली, अल्लाह उसकी तौबा को ग्रहण करेगा।
इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
तशरीह
इस हदीस से मालूम हुआ कि पवित्र एवं उच्च अल्लाह अपने पापी बंदे की तौबा उस समय तक ग्रहण करेगा, जब तक सूरज अपने अस्त होने के स्थान उदय न हो जाए। क्योंकि यही तौबा ग्रहण होने के समय का अंतिम समय है और यह क़यामत की बड़ी निशानियों में से एक है।
हवाला
-نزهة المتقين شرح رياض الصالحين، نشر: مؤسسة الرسالة، الطبعة: الرابعة عشر، 1407هـ - 1987م.
-شرح رياض الصالحين، لابن عثيمين، نشر: دار الوطن للنشر، الرياض، الطبعة: 1426هـ.
-المعجم الوسيط، نشر: دار إحياء التراث العربي، بيروت – لبنان، الطبعة: الثانية.
-صحيح مسلم، تحقيق: محمد فؤاد عبد الباقي، نشر: دار إحياء التراث العربي – بيروت.
यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com