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सहीह मुस्लिम

नंबर 6785

नंबर 6785किताब 47, नंबर 11अरबी नंबरिंग 2671.01
حَدَّثَنَا شَيْبَانُ بْنُ فَرُّوخَ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَارِثِ، حَدَّثَنَا أَبُو التَّيَّاحِ، حَدَّثَنِي أَنَسُ بْنُ، مَالِكٍ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مِنْ أَشْرَاطِ السَّاعَةِ أَنْ يُرْفَعَ الْعِلْمُ وَيَثْبُتَ الْجَهْلُ وَيُشْرَبَ الْخَمْرُ وَيَظْهَرَ الزِّنَا ‏"‏ ‏.‏
Anas b. Malik reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:It is from the conditions of the Last Hour that knowledge would be taken away and ignorance would prevail (upon the world), the liquor would be drunk, and adultery would become rampant

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 47 · The Book of Knowledge

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।