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सहीह मुस्लिम

नंबर 6784

नंबर 6784किताब 47, नंबर 10अरबी नंबरिंग 2670
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا حَفْصُ بْنُ غِيَاثٍ، وَيَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ، عَنِ ابْنِ، جُرَيْجٍ عَنْ سُلَيْمَانَ بْنِ عَتِيقٍ، عَنْ طَلْقِ بْنِ حَبِيبٍ، عَنِ الأَحْنَفِ بْنِ قَيْسٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ هَلَكَ الْمُتَنَطِّعُونَ ‏"‏ ‏.‏ قَالَهَا ثَلاَثًا ‏.‏
Abdullah reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:Ruined, were those who indulged in hair-splitting. He (the Holy Prophet) repeated this thrice

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 47 · The Book of Knowledge

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।