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सहीह मुस्लिम

नंबर 6779

नंबर 6779किताब 47, नंबर 5अरबी नंबरिंग 2667.03
حَدَّثَنِي أَحْمَدُ بْنُ سَعِيدِ بْنِ صَخْرٍ الدَّارِمِيُّ، حَدَّثَنَا حَبَّانُ، حَدَّثَنَا أَبَانُ، حَدَّثَنَا أَبُو عِمْرَانَ قَالَ قَالَ لَنَا جُنْدَبٌ وَنَحْنُ غِلْمَانٌ بِالْكُوفَةِ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ اقْرَءُوا الْقُرْآنَ ‏"‏ ‏.‏ بِمِثْلِ حَدِيثِهِمَا ‏.‏
Abu Imran reported that Jundub told us as we we-re young boys living in Kilfa, that Allah's Messenger (ﷺ) had said:Recite the Qur'an. The rest of the hadith is the same

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 47 · The Book of Knowledge

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।