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सहीह मुस्लिम

नंबर 6750

नंबर 6750किताब 46, नंबर 28अरबी नंबरिंग 2654
حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ، حَدَّثَنَا الْمُقْرِئُ، حَدَّثَنَا حَيْوَةُ، ح وَحَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ سَهْلٍ التَّمِيمِيُّ، حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي مَرْيَمَ، أَخْبَرَنَا نَافِعٌ، - يَعْنِي ابْنَ يَزِيدَ - كِلاَهُمَا عَنْ أَبِي هَانِئٍ، ‏.‏ بِهَذَا الإِسْنَادِ مِثْلَهُ غَيْرَ أَنَّهُمَا لَمْ يَذْكُرَا وَعَرْشُهُ عَلَى الْمَاءِ ‏.‏
This hadith has been narrated on the authority of Abu Hani with the same chain of transmitters, but there is no mention of" His Throne was upon water

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 46 · The Book of Destiny

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।