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सहीह मुस्लिम

नंबर 6749

नंबर 6749किताब 46, नंबर 27अरबी नंबरिंग 2653.02
حَدَّثَنِي أَبُو الطَّاهِرِ، أَحْمَدُ بْنُ عَمْرِو بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرِو بْنِ سَرْحٍ حَدَّثَنَا ابْنُ، وَهْبٍ أَخْبَرَنِي أَبُو هَانِئٍ الْخَوْلاَنِيُّ، عَنْ أَبِي عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْحُبُلِيِّ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرِو، بْنِ الْعَاصِ قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ كَتَبَ اللَّهُ مَقَادِيرَ الْخَلاَئِقِ قَبْلَ أَنْ يَخْلُقَ السَّمَوَاتِ وَالأَرْضَ بِخَمْسِينَ أَلْفَ سَنَةٍ - قَالَ - وَعَرْشُهُ عَلَى الْمَاءِ ‏"‏ ‏.‏
Abdullah b. 'Amr b. al-'As reported:I heard Allah's Messenger (ﷺ) as saying: Allah ordained the measures (of quality) of the creation fifty thousand years before He created the heavens and the earth, as His Throne was upon water

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 46 · The Book of Destiny

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।