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सहीह मुस्लिम

नंबर 6519

नंबर 6519किताब 45, नंबर 19अरबी नंबरिंग 2555
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَزُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، - وَاللَّفْظُ لأَبِي بَكْرٍ - قَالاَ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنْ مُعَاوِيَةَ بْنِ أَبِي مُزَرِّدٍ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ رُومَانَ، عَنْ عُرْوَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ الرَّحِمُ مُعَلَّقَةٌ بِالْعَرْشِ تَقُولُ مَنْ وَصَلَنِي وَصَلَهُ اللَّهُ وَمَنْ قَطَعَنِي قَطَعَهُ اللَّهُ ‏"‏ ‏.‏
A'isha reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:The tie of kinship is suspended to the Throne and says: He who unites me Allah would unite him and he who severed me Allah would sever him

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 45 · The Book of Virtue, Enjoining Good Manners, and Joining of the Ties of Kinship

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।