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सहीह मुस्लिम

नंबर 6253

नंबर 6253किताब 44, नंबर 83अरबी नंबरिंग 2419.02
حَدَّثَنِي عَمْرٌو النَّاقِدُ، حَدَّثَنَا عَفَّانُ، حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، - وَهُوَ ابْنُ سَلَمَةَ - عَنْ ثَابِتٍ، عَنْ أَنَسٍ، أَنَّ أَهْلَ الْيَمَنِ، قَدِمُوا عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَقَالُوا ابْعَثْ مَعَنَا رَجُلاً يُعَلِّمْنَا السُّنَّةَ وَالإِسْلاَمَ ‏.‏ قَالَ فَأَخَذَ بِيَدِ أَبِي عُبَيْدَةَ فَقَالَ ‏ "‏ هَذَا أَمِينُ هَذِهِ الأُمَّةِ ‏"‏ ‏.‏
Anas reported that the people of Yemen came to Allah's Messenger (ﷺ) and said:Send with us a person who should teach us Sunnah and al-Islam, whereupon he (the Holy Prophet) caught hold of the hand of Ubaida and said: He is a man of trust of this Umma

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of the Merits of the Companions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।