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सहीह मुस्लिम

नंबर 6158

नंबर 6158किताब 43, नंबर 216अरबी नंबरिंग 2375.02
وَحَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ خَشْرَمٍ، أَخْبَرَنَا عِيسَى يَعْنِي ابْنَ يُونُسَ، ح وَحَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ، أَبِي شَيْبَةَ حَدَّثَنَا جَرِيرٌ، كِلاَهُمَا عَنْ سُلَيْمَانَ التَّيْمِيِّ، عَنْ أَنَسٍ، ح وَحَدَّثَنَاهُ أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا عَبْدَةُ بْنُ سُلَيْمَانَ، عَنْ سُفْيَانَ، عَنْ سُلَيْمَانَ، التَّيْمِيِّ سَمِعْتُ أَنَسًا، يَقُولُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏"‏ مَرَرْتُ عَلَى مُوسَى وَهُوَ يُصَلِّي فِي قَبْرِهِ ‏"‏ ‏.‏ وَزَادَ فِي حَدِيثِ عِيسَى ‏"‏ مَرَرْتُ لَيْلَةَ أُسْرِيَ بِي ‏"‏ ‏.‏
Anas reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:I happened to pass by Moses as he was busy in saying prayer in his grave, and in the hadith transmitted on the authority of 'Isa there is an addition of these words:, I happened to pass on the occasion of the Night journey

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · The Book of Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।