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सहीह मुस्लिम

नंबर 6139

नंबर 6139किताब 43, नंबर 197अरबी नंबरिंग 2369.02
وَحَدَّثَنَاهُ أَبُو كُرَيْبٍ، حَدَّثَنَا ابْنُ إِدْرِيسَ، قَالَ سَمِعْتُ مُخْتَارَ بْنَ فُلْفُلٍ، مَوْلَى عَمْرِو بْنِ حُرَيْثٍ قَالَ سَمِعْتُ أَنَسًا، يَقُولُ قَالَ رَجُلٌ يَا رَسُولَ اللَّهِ ‏.‏ بِمِثْلِهِ ‏.‏
This hadith has been narrated on the authority of Anas through a different chain of transmitters

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · The Book of Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।