حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُسْهِرٍ، وَابْنُ، فُضَيْلٍ عَنِ الْمُخْتَارِ، ح وَحَدَّثَنِي عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ السَّعْدِيُّ، - وَاللَّفْظُ لَهُ - حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُسْهِرٍ، أَخْبَرَنَا الْمُخْتَارُ، بْنُ فُلْفُلٍ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ جَاءَ رَجُلٌ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَقَالَ يَا خَيْرَ الْبَرِيَّةِ . فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم " ذَاكَ إِبْرَاهِيمُ عَلَيْهِ السَّلاَمُ " .
Anas b. Malik reported that a person came to Allah's Messenger (ﷺ) and said:O, the best of creation; thereupon Allah's Messenger (ﷺ) said: He is Ibrahim (peace be upon him)
स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।