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सहीह मुस्लिम

नंबर 6118

नंबर 6118किताब 43, नंबर 176अरबी नंबरिंग 2358.03
وَحَدَّثَنِيهِ حَرْمَلَةُ بْنُ يَحْيَى، أَخْبَرَنَا ابْنُ وَهْبٍ، أَخْبَرَنِي يُونُسُ، ح وَحَدَّثَنَا عَبْدُ بْنُ، حُمَيْدٍ أَخْبَرَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، أَخْبَرَنَا مَعْمَرٌ، كِلاَهُمَا عَنِ الزُّهْرِيِّ، بِهَذَا الإِسْنَادِ ‏.‏ وَزَادَ فِي حَدِيثِ مَعْمَرٍ ‏ "‏ رَجُلٌ سَأَلَ عَنْ شَىْءٍ وَنَقَّرَ عَنْهُ ‏"‏ ‏.‏ وَقَالَ فِي حَدِيثِ يُونُسَ عَامِرِ بْنِ سَعْدٍ أَنَّهُ سَمِعَ سَعْدًا ‏.‏
This hadith has been narrated on the authority of Zuhri with the same chain of transmitters and with this addition:" A person asked about a thing from Allah's Apostle (ﷺ) and he indulged in hair-splitting

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · The Book of Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।