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सहीह मुस्लिम

नंबर 6079

नंबर 6079किताब 43, नंबर 137अरबी नंबरिंग 2341.07
وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، وَابْنُ، بَشَّارٍ وَأَحْمَدُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ الدَّوْرَقِيُّ وَهَارُونُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ جَمِيعًا عَنْ أَبِي دَاوُدَ، قَالَ ابْنُ الْمُثَنَّى حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ دَاوُدَ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ خُلَيْدِ بْنِ جَعْفَرٍ، سَمِعَ أَبَا إِيَاسٍ، عَنْ أَنَسٍ، أَنَّهُ سُئِلَ عَنْ شَيْبِ النَّبِيِّ، صلى الله عليه وسلم فَقَالَ مَا شَانَهُ اللَّهُ بِبَيْضَاءَ ‏.‏
Anas (b. Malik) was asked about the old age of Allah's Apostle (ﷺ). He said:Allah did not blemish him with white hair

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · The Book of Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।