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सहीह मुस्लिम

नंबर 5985

नंबर 5985किताब 43, नंबर 46अरबी नंबरिंग 2299.02
حَدَّثَنَا زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، وَمُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، وَعُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ، قَالُوا حَدَّثَنَا يَحْيَى، - وَهُوَ الْقَطَّانُ - عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ، أَخْبَرَنِي نَافِعٌ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏"‏ إِنَّ أَمَامَكُمْ حَوْضًا كَمَا بَيْنَ جَرْبَا وَأَذْرُحَ ‏"‏ ‏.‏ وَفِي رِوَايَةِ ابْنِ الْمُثَنَّى ‏"‏ حَوْضِي ‏"‏ ‏.‏
This hadith has been transmitted on the authority of Ibn 'Umar and the words are:That he said there would be before you a Cistern extending from jarba' and Adhruh and the same has been transmitted on the authority of Ibn Muthanna and the wording is:" My Cistern

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · The Book of Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।