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सहीह मुस्लिम

नंबर 5982

नंबर 5982किताब 43, नंबर 43अरबी नंबरिंग 2298.01
حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ بَزِيعٍ، حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عَدِيٍّ، عَنْ شُعْبَةَ، عَنْ مَعْبَدِ، بْنِ خَالِدٍ عَنْ حَارِثَةَ، أَنَّهُ سَمِعَ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏"‏ حَوْضُهُ مَا بَيْنَ صَنْعَاءَ وَالْمَدِينَةِ ‏"‏ ‏.‏ فَقَالَ لَهُ الْمُسْتَوْرِدُ أَلَمْ تَسْمَعْهُ قَالَ ‏"‏ الأَوَانِي ‏"‏ ‏.‏ قَالَ لاَ ‏.‏ فَقَالَ الْمُسْتَوْرِدُ ‏"‏ تُرَى فِيهِ الآنِيَةُ مِثْلَ الْكَوَاكِبِ ‏"‏ ‏.‏
Haritha reported that he heard Allah's Messenger (ﷺ) as saying:His Cistern would be as extensive as the distance between San'a' and Medina. Mustaurid (one of the narrators) said: Did you not hear anything about the utensils? Thereupon he said. No. Mustaurid said: You would find that the utensils would be like stars

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · The Book of Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।