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सहीह मुस्लिम

नंबर 5941

नंबर 5941किताब 43, नंबर 4अरबी नंबरिंग 2279.01
وَحَدَّثَنِي أَبُو الرَّبِيعِ، سُلَيْمَانُ بْنُ دَاوُدَ الْعَتَكِيُّ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، - يَعْنِي ابْنَ زَيْدٍ - حَدَّثَنَا ثَابِتٌ، عَنْ أَنَسٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم دَعَا بِمَاءٍ فَأُتِيَ بِقَدَحٍ رَحْرَاحٍ فَجَعَلَ الْقَوْمُ يَتَوَضَّئُونَ فَحَزَرْتُ مَا بَيْنَ السِّتِّينَ إِلَى الثَّمَانِينَ - قَالَ - فَجَعَلْتُ أَنْظُرُ إِلَى الْمَاءِ يَنْبُعُ مِنْ بَيْنِ أَصَابِعِهِ ‏.‏
Anas reported that Allah's Apostle (ﷺ) called for water and he was given a vessel and the people began to perform ablution in that and I counted (the persons) and they were between sixty and eighty and I saw water which was spouting from his fingers

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · The Book of Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।