सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 5940

नंबर 5940किताब 43, नंबर 3अरबी नंबरिंग 2278
حَدَّثَنِي الْحَكَمُ بْنُ مُوسَى أَبُو صَالِحٍ، حَدَّثَنَا هِقْلٌ، - يَعْنِي ابْنَ زِيَادٍ - عَنِ الأَوْزَاعِيِّ، حَدَّثَنِي أَبُو عَمَّارٍ، حَدَّثَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ فَرُّوخَ، حَدَّثَنِي أَبُو هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ أَنَا سَيِّدُ وَلَدِ آدَمَ يَوْمَ الْقِيَامَةِ وَأَوَّلُ مَنْ يَنْشَقُّ عَنْهُ الْقَبْرُ وَأَوَّلُ شَافِعٍ وَأَوَّلُ مُشَفَّعٍ ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:I shall be pre-eminent amongst the descendants of Adam on the Day of Resurrection and I will be the first intercessor and the first whose intercession will be accepted (by Allah)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · The Book of Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।