सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 5919

नंबर 5919किताब 42, नंबर 23अरबी नंबरिंग 2266.01
حَدَّثَنَا أَبُو الرَّبِيعِ، سُلَيْمَانُ بْنُ دَاوُدَ الْعَتَكِيُّ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، - يَعْنِي ابْنَ زَيْدٍ - حَدَّثَنَا أَيُّوبُ، وَهِشَامٌ، عَنْ مُحَمَّدٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ رَآنِي فِي الْمَنَامِ فَقَدْ رَآنِي فَإِنَّ الشَّيْطَانَ لاَ يَتَمَثَّلُ بِي ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:He who saw me in a dream in fact saw me, for the satan does not appear in my form

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 42 · The Book of Dreams

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।