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सहीह मुस्लिम

नंबर 5918

नंबर 5918किताब 42, नंबर 22अरबी नंबरिंग 2265.03
وَحَدَّثَنَاهُ قُتَيْبَةُ، وَابْنُ، رُمْحٍ عَنِ اللَّيْثِ بْنِ سَعْدٍ، ح وَحَدَّثَنَا ابْنُ رَافِعٍ، حَدَّثَنَا ابْنُ، أَبِي فُدَيْكٍ أَخْبَرَنَا الضَّحَّاكُ، - يَعْنِي ابْنَ عُثْمَانَ - كِلاَهُمَا عَنْ نَافِعٍ، بِهَذَا الإِسْنَادِ وَفِي حَدِيثِ اللَّيْثِ قَالَ نَافِعٌ حَسِبْتُ أَنَّ ابْنَ عُمَرَ قَالَ ‏ "‏ جُزْءٌ مِنْ سَبْعِينَ جُزْءًا مِنَ النُّبُوَّةِ ‏"‏ ‏.‏
A hadith like this has been reported on the authority of Nafi` with the same chain of transmitters (and the words are):"I think Ibn `Umar said: The seventieth part from Prophecy

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 42 · The Book of Dreams

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।