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सहीह मुस्लिम

नंबर 5884

नंबर 5884किताब 40, नंबर 23अरबी नंबरिंग 2254
حَدَّثَنِي هَارُونُ بْنُ سَعِيدٍ الأَيْلِيُّ، وَأَبُو طَاهِرٍ وَأَحْمَدُ بْنُ عِيسَى قَالَ أَحْمَدُ حَدَّثَنَا وَقَالَ الآخَرَانِ، أَخْبَرَنَا ابْنُ وَهْبٍ، أَخْبَرَنِي مَخْرَمَةُ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ نَافِعٍ، قَالَ كَانَ ابْنُ عُمَرَ إِذَا اسْتَجْمَرَ اسْتَجْمَرَ بِالأَلُوَّةِ غَيْرِ مُطَرَّاةٍ وَبِكَافُورٍ يَطْرَحُهُ مَعَ الأَلُوَّةِ ثُمَّ قَالَ هَكَذَا كَانَ يَسْتَجْمِرُ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏.‏
Nafi' reported that when Ibn Umar wanted fumigation he got it from aloeswood without mixing anything with it, or he put camphor along with aloeswood and then said:This is how Allah's Messenger (ﷺ) fumigated

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 40 · The Book Concerning the Use of Correct Words

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।