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सहीह मुस्लिम

नंबर 5883

नंबर 5883किताब 40, नंबर 22अरबी नंबरिंग 2253
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَزُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، كِلاَهُمَا عَنِ الْمُقْرِئِ، قَالَ أَبُو بَكْرٍ حَدَّثَنَا أَبُو عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْمُقْرِئُ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ أَبِي أَيُّوبَ، حَدَّثَنِي عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ أَبِي جَعْفَرٍ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الأَعْرَجِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ عُرِضَ عَلَيْهِ رَيْحَانٌ فَلاَ يَرُدُّهُ فَإِنَّهُ خَفِيفُ الْمَحْمِلِ طَيِّبُ الرِّيحِ ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:He who is presented with a flower should not reject it, for it is light to carry and pleasant in odour

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 40 · The Book Concerning the Use of Correct Words

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।