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सहीह मुस्लिम

नंबर 5873

नंबर 5873किताब 40, नंबर 12अरबी नंबरिंग 2248.02
وَحَدَّثَنِيهِ زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ عُمَرَ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ سِمَاكٍ، قَالَ سَمِعْتُ عَلْقَمَةَ بْنَ وَائِلٍ، عَنْ أَبِيهِ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ تَقُولُوا الْكَرْمُ ‏.‏ وَلَكِنْ قُولُوا الْعِنَبُ وَالْحَبَلَةُ ‏"‏ ‏.‏
This hadith has been reported by Alqama b. Wa'il on the authority of his father with a different chain of transmitters and with a slight variation of wording

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 40 · The Book Concerning the Use of Correct Words

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।