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सहीह मुस्लिम

नंबर 998

नंबर 998किताब 4, नंबर 160अरबी नंबरिंग 444
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، وَإِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ يَحْيَى أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي فَرْوَةَ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ خُصَيْفَةَ، عَنْ بُسْرِ بْنِ سَعِيدٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ أَيُّمَا امْرَأَةٍ أَصَابَتْ بَخُورًا فَلاَ تَشْهَدْ مَعَنَا الْعِشَاءَ الآخِرَةَ ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira said:The Messenger of Allah (ﷺ) said: Whoever (woman) fumigates herself with perfume should not join us in the 'Isha' prayer

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 4 · The Book of Prayers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।