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सहीह मुस्लिम

नंबर 1074

नंबर 1074किताब 4, नंबर 236अरबी नंबरिंग 479.01
حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ مَنْصُورٍ، وَأَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ وَزُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ قَالُوا حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، أَخْبَرَنِي سُلَيْمَانُ بْنُ سُحَيْمٍ، عَنْ إِبْرَاهِيمَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَعْبَدٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ كَشَفَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم السِّتَارَةَ وَالنَّاسُ صُفُوفٌ خَلْفَ أَبِي بَكْرٍ فَقَالَ ‏ "‏ أَيُّهَا النَّاسُ إِنَّهُ لَمْ يَبْقَ مِنْ مُبَشِّرَاتِ النُّبُوَّةِ إِلاَّ الرُّؤْيَا الصَّالِحَةُ يَرَاهَا الْمُسْلِمُ أَوْ تُرَى لَهُ أَلاَ وَإِنِّي نُهِيتُ أَنْ أَقْرَأَ الْقُرْآنَ رَاكِعًا أَوْ سَاجِدًا فَأَمَّا الرُّكُوعُ فَعَظِّمُوا فِيهِ الرَّبَّ عَزَّ وَجَلَّ وَأَمَّا السُّجُودُ فَاجْتَهِدُوا فِي الدُّعَاءِ فَقَمِنٌ أَنْ يُسْتَجَابَ لَكُمْ ‏"‏ ‏.‏
इब्ने अब्बास -रज़ियल्लाहु अन्हुमा- से वर्णित है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल - सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने पर्दा हटाया तो देखा कि लोग अबू बकर के पीछे पंक्ति में खड़े हैं, तो आप ने फरमायाः( ऐ लोगों, नबूवत के शुभ संदेशों में से अब केवल अच्छे स्वप्न ही रह गए हैं, जिस को मुस्लिम देखता है, या उस के लिए देखा जाता है, सचेत रहो! मुझे रुकू तथा सज्दा में क़ुरआन पढ़ने से मना किया गया है। जहां तक रूकू की बात है तो उस में अपने रब की महानता का बखान करो, रही बात सज्दे की तो उस मके साथ दुआ करो, क्योंकि उस समय की गई दुआ के स्वीकार होने की प्रबल संभावना रहती है।

तर्जुमा: HadeethEnc.comइसकी तशरीह

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

जहाँ तर्जुमा शुदा नबवी हदीसों के इनसाइक्लोपीडिया (HadeethEnc.com) में किसी रिवायत का हूबहू टेक्स्ट मौजूद है, वहाँ उसका तर्जुमा उसी रिवायत के नीचे स्रोत के नाम के साथ दिखाया गया है। दोनों को प्रोग्राम के ज़रिए, सिर्फ़ अरबी टेक्स्ट की बुनियाद पर जोड़ा गया है: इनसाइक्लोपीडिया की हदीस का पूरा टेक्स्ट, उसमें दर्ज सहाबी के नाम समेत, रिवायत का आख़िरी हिस्सा है, हर्फ़-ब-हर्फ़। इस जोड़ को किसी ने नहीं जाँचा है, और सबील के जायज़ाकारों ने तर्जुमे की जाँच नहीं की है। असल टेक्स्ट अरबी है।

किताब 4 · The Book of Prayers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।