सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 1073

नंबर 1073किताब 4, नंबर 235अरबी नंबरिंग 478.02
حَدَّثَنَا ابْنُ نُمَيْرٍ، حَدَّثَنَا حَفْصٌ، حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ حَسَّانَ، حَدَّثَنَا قَيْسُ بْنُ سَعْدٍ، عَنْ عَطَاءٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم إِلَى قَوْلِهِ ‏ "‏ وَمِلْءَ مَا شِئْتَ مِنْ شَىْءٍ بَعْدُ ‏"‏ ‏.‏ وَلَمْ يَذْكُرْ مَا بَعْدَهُ ‏.‏
Ibn Abbas reported from the Messenger of Allah (ﷺ) the words:" And that would fill that which will please Thee besides (them)!" and he did not mention the subsequent (portion of supplication)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 4 · The Book of Prayers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।