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सहीह मुस्लिम

नंबर 5849

नंबर 5849किताब 39, नंबर 200अरबी नंबरिंग 2241.01
حَدَّثَنِي أَبُو الطَّاهِرِ، وَحَرْمَلَةُ بْنُ يَحْيَى، قَالاَ أَخْبَرَنَا ابْنُ وَهْبٍ، أَخْبَرَنِي يُونُسُ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ، وَأَبِي، سَلَمَةَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ أَنَّ نَمْلَةً قَرَصَتْ نَبِيًّا مِنَ الأَنْبِيَاءِ فَأَمَرَ بِقَرْيَةِ النَّمْلِ فَأُحْرِقَتْ فَأَوْحَى اللَّهُ إِلَيْهِ أَفِي أَنْ قَرَصَتْكَ نَمْلَةٌ أَهْلَكْتَ أُمَّةً مِنَ الأُمَمِ تُسَبِّحُ ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:An ant had bitten a Prophet (one amongst the earlier Prophets) and he ordered that the colony of the ants should be burnt. And Allah revealed to him:" Because of an ant's bite you have burnt a community from amongst the communities which sings My glory

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · The Book of Greetings

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।